5पंचम तीर्थंकर
भगवान सुमतिनाथ
Sumatinath
क्रौंच
स्वर्ण
परिवार एवं संघ
- मेघ
- दूसरे देवलोक ईशान में
- मंगला
- सिद्ध
- अयोध्या
- इक्ष्वाकुवंश
- तुम्बरु
- महाकाली
- 100
- प्रियंगु
जीवन की तिथियाँ
- बैशाख शु. 8
- मघा
- बैशाख शु. 9
- 1000
- चैत्र शु. 11
- बीस वर्ष
चिह्न, शरीर और आयु
- क्रौंच
- 300 धनुष
- 1 लाख पूर्व 12 पुर्वांगकम
- 40 लाख पूर्व
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
- चैत्र शु. 9
- 1,000
स्तुति
ॐ ह्रीं श्री सुमतिनाथाय नमः ।
सुमति जिनेश्वर साहिब शोभता । सुमति जिनेश्वर साहिब शोभता, सुमति करण संसार । सुमति जप्यां थी सुमति बधै घणी, सुमति सुमति-दातार ।। १ ।।
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