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‹ चौबीस तीर्थंकर
5पंचम तीर्थंकर

भगवान सुमतिनाथ

Sumatinath

चिन्हक्रौंच
वर्णस्वर्ण

परिवार एवं संघ

पिता
मेघ
माता
मंगला
जन्म नगरी
अयोध्या
वंश
इक्ष्वाकुवंश
यक्ष
तुम्बरु
यक्षिणी
महाकाली
गणधर
100
चैत्य वृक्ष
प्रियंगु

निर्वाण स्थल

सम्मेद शिखर

परंपरा के अनुसार यहीं सुमतिनाथ ने निर्वाण प्राप्त किया।

नक्शे पर देखें ↗

स्तुति

नाम-मंत्र

ॐ ह्रीं श्री सुमतिनाथाय नमः ।

सुमति जिनेश्‍वर साहिब शोभता । सुमति जिनेश्‍वर साहिब शोभता, सुमति करण संसार । सुमति जप्यां थी सुमति बधै घणी, सुमति सुमति-दातार ।। १ ।।

सुमति का जाप करने से सुमति की अतिशय वृद्धि होती है । सुमति ! तुम सुमति के दाता हो ।

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स्रोत — कल्पसूत्र · त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित (श्वेतांबर परम्परा)