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‹ चौबीस तीर्थंकर
5पंचम तीर्थंकर

भगवान सुमतिनाथ

Sumatinath

चिन्हक्रौंच
वर्णस्वर्ण

परिवार एवं संघ

पिता
मेघ
पिता की गति
दूसरे देवलोक ईशान में
माता
मंगला
माता की गति
सिद्ध
जन्म नगरी
अयोध्या
वंश
इक्ष्वाकुवंश
यक्ष
तुम्बरु
यक्षिणी
महाकाली
गणधर
100
चैत्य वृक्ष
प्रियंगु

जीवन की तिथियाँ

जन्म तिथि
बैशाख शु. 8
नक्षत्र
मघा
दीक्षा तिथि
बैशाख शु. 9
दीक्षा साथी
1000
केवलज्ञान तिथि
चैत्र शु. 11
छद्मस्थ काल
बीस वर्ष

चिह्न, शरीर और आयु

लक्षण चिह्न
क्रौंच
शरीर मान
300 धनुष
साधक जीवन
1 लाख पूर्व 12 पुर्वांगकम
आयुमान
40 लाख पूर्व

निर्वाण स्थल

सम्मेद शिखर

निर्वाण तिथि
चैत्र शु. 9
निर्वाण साथी
1,000
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स्तुति

नाम-मंत्र

ॐ ह्रीं श्री सुमतिनाथाय नमः ।

सुमति जिनेश्‍वर साहिब शोभता । सुमति जिनेश्‍वर साहिब शोभता, सुमति करण संसार । सुमति जप्यां थी सुमति बधै घणी, सुमति सुमति-दातार ।। १ ।।

सुमति का जाप करने से सुमति की अतिशय वृद्धि होती है । सुमति ! तुम सुमति के दाता हो ।

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स्रोत — कल्पसूत्र · त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित (श्वेतांबर परम्परा)