रक्षा एवं कवच
इस प्रसंग के 33 मंत्र। एक मंत्र एक से अधिक प्रसंगों में हो सकता है।
- आनन्द की अनुभूति
- न्यास (१)
- न्यास (२)
- न्यास (३)
- रक्षा-कवच (१)
- रक्षा-कवच (२)
- रक्षा-कवच (३)
- रक्षा-कवच (४)
- रक्षा-कवच (५)
- रक्षा-कवच (६)
- रक्षा-कवच (७)
- रक्षा-कवच (८)
- रक्षा-कवच (९)
- शरीर-रक्षा कवच
- अङ्ग-रक्षा
- परिवार-रक्षा
- तांत्रिक उपद्रव का शमन
- व्यन्तरकृत उपद्रव का शमन
- व्यन्तर दोष निवारक
- व्यन्तर बाधा निवारक
- प्रेत-बाधा-निवारण
- भूत-प्रेत निवारक
- भूत-प्रेत उपद्रव-निवारण
- भूतादि उपद्रव-निवारण
- भूतादि से रक्षा
- तांत्रिक दोष और रोग-निवारण
- स्तम्भन (१)
- स्तम्भन (२)
- क्षुद्र-मुख स्तम्भन
- चोर-स्तम्भन
- नजर उतारना
- दृष्टिदोष-निवारक (१)
- दृष्टिदोष-निवारक (२)