गीतिका संग्रह — पृष्ठ 34
2856 में से 1981–2040
- महके चमन
- महा कठिन है काम तपस्या करता कोई बलवान रे
- महा-भिक्षु के प्रति
- महाज्ञानी को नमस्कार
- महातपस्वी महाश्रमण का प्यारा लगता नाम,
- महातपस्वी महाश्रमण की
- महात्मा महाप्रज्ञ
- महापुजारी
- महापुरुष
- महापुरुष वे सदा अमर हैं
- महापुरूषों ने यह संदेश...
- महाप्रज्ञ अभिवंदना – उजली भोर आ सुखकार
- महाप्रज्ञ अभ्यर्थना
- महाप्रज्ञ आकार लिया
- महाप्रज्ञ का जीवन
- महाप्रज्ञ की जय बोलो
- महाप्रज्ञ के जन्म दिवस को आज मनायें हम,
- महाप्रज्ञ के जन्म-दिवस पर
- महाप्रज्ञ को जुहार
- महाप्रज्ञ को नमन हमारा
- महाप्रज्ञ गुणगाथा
- महाप्रज्ञ गुरुदेव!
- महाप्रज्ञ गुरुराज न भूले जायें,
- महाप्रज्ञ गुरुवर
- महाप्रज्ञ चरण
- महाप्रज्ञ जन्मोत्सव
- महाप्रज्ञ जी तुम्हें नमन है
- महाप्रज्ञ थे विरल
- महाप्रज्ञ नाम प्यारो, आंख्यों रो तारो
- महाप्रज्ञ महाप्राण
- महाप्रज्ञ स्तुति
- महाप्रज्ञ स्तुति
- महाप्रज्ञ! गण में प्रज्ञा विस्तार करो।
- महामंत्र महिमा
- महामनस्वी महायशस्वी
- महारानी कमलावती
- महावीर अवतरया धरती पर, जग हरस-हिलोरां स्यूं भरग्यो,
- महावीर उद्धार करो।
- महावीर का जाप
- महावीर का नाम मंगल
- महावीर का पैगाम
- महावीर की माला
- महावीर की शरण
- महावीर के चरणों में करते नमन,
- महावीर गुणगान
- महावीर जयन्ती
- महावीर जयन्ती आई
- महावीर तुम्हें शत वंदन, तुम हो हम सबके त्राता।
- महावीर नै भजो, महावीर ने नै भजो,
- महावीर प्रभु की जय हो जय।
- महावीर प्रभु के चरणों में
- महावीर भगवान् थांरो ध्यान धरूं जी, ध्यान धरू,
- महावीर महावीर बोल भाइड़ा!
- महावीर री ध्याऊं में तो ध्यावना जी,
- महावीर स्तवन
- महावीर स्वामी, अन्तर्यामी, मेरा तुम उद्धार करो,
- महाश्रमण ! कोटि नमन
- महाश्रमण अभिवन्दना
- महाश्रमण के अभिनन्दन में
- महाश्रमण गुरुवर