गीतिका संग्रह — पृष्ठ 21
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- तुलसी नाम बड़ा है प्यारा,
- तुलसी नाम बड़ो गुणकारी
- तुलसी नाम री माळा नित फेरो सुबह और शाम
- तुलसी नाम स्यूं म्हें तर ज्यावां
- तुलसी महाप्रज्ञ की प्रतिकृति
- तुलसी महिमा
- तुलसी रो, प्राणां स्यूं भी प्यारो नाम तुलसी रो,
- तुलसी सहारो साचो तुलसी ही त्राण हो
- तुलसी स्तुति – तुलसी तुलसी ध्यावां, तुलसी तुलसी गांवां
- तुलसी स्वामी रे!
- तुलसी है प्राणां स्यूं प्यारो
- तुलसी-तुलसी ध्याऊं, तुलसीमय बन जाऊं।
- तुलसी-तुलसी नाम, तुलसी-तुलसी नाम हमको
- तुलसी-महाप्रज्ञ युग
- तुलसी! तेरी सुयश गाथा जे भुला नहीं पायेगा,
- तू आयो है
- तू मन-मन्दिर में आ जा,
- तूं जैसा व्यवहार करेगा।
- तूं तो झुकज्या रे, ओ ऽऽऽ तूं तो लुड़ज्या रे,
- तूं तो मिनख जमारो पायो भाम स्यूं
- तूफानां में भी नहीं झुक्यो, बीं महापुरुष नै नमन करां,
- तृप्ति
- तेरपथ रो भाग्य-विधाता,
- तेरस री है रात
- तेरा कल्याण है तुझसे
- तेरा कौन—सा है मन्दिर, जरा सामने आकर बतलादे,
- तेरा जीवन सुख से भर जाए,
- तेरा मन मन्दिर बन जाये,
- तेरा यों ही बीत न जाये यह जीवन,
- तेरापंथ अधिराज भिक्षुस्वामी पधारो जी।
- तेरापंथ के नायक को सौ-सौ प्रणाम है,
- तेरापंथ जयकारी
- तेरापंथ दर्शन
- तेरापंथ प्रणेता
- तेरापंथ प्रबोध
- तेरापंथ मनहारो
- तेरापंथ रा नवमा
- तेरापंथ रा सरताज, युगां तक राज करो,
- तेरापंथ राणा, मूरत लागै प्यारी प्यारी रे,
- तेरापंथ शासन पावन है, भिखण की अमिट है,
- तेरापंथ शासन प्यारा है, यह धरती का उजियारा है,
- तेरापंथनायक तुलसी गुरुवर का गुरु उपकार है।
- तेरापंथऽऽऽऽऽ, अद्भुत है तंत्र अभिराम रे,
- तेरापथ दीपाने वाले
- तेरापथ रो राम
- तेरापन्थ सा शासन, कहीं जग में नहीं पाया,
- तेरी आरती उतारें,
- तेरी उमर बीती जाये,
- तेरी उमर बीती जाये, सुनले रे प्राणी,
- तेरी गठरी में लागै चोर, बटाऊ! क्यों सोया,
- तेरी जय-जय जय हो
- तेरी बीत रही जीवन-घड़ियां,
- तेरी मनमोहक मुद्रा जब
- तेरी मूरत भूली नहीं जावै,
- तेरी राह पर चलता रहूं, मुझे नाथ! यह वरदान दो,
- तेरे गुण गाऊं, निशि दिन ध्याऊं,
- तेरे जैसा संत कहां
- तेरे द्वार पर खडा़ हूँ, करुणा नजर निहारो,
- तेरे पग-पग पर
- तेरे भले-बुरे काम,