इ-ई से गीतिकाएँ
13 रचनाएँ
- इक्षु रस के जैसा
- इतना मत खीचों
- इतरो कांई गर्व्यो रे
- इतिहास के आंसू
- इन्सानियत के पथ कदम बढ़ाना,
- इन्सानियत के पथ पर निर्मय सदा चलेंगे
- इन्साफ की डगर पे, अपने कदम बढा़ना,
- इस जीवन को पावन बनाते चलो तुम,
- इस दुनिया में आकर तूं ने सत्कर्म किया क्या जीवन में,
- इस भौतिक दुनियां में
- ई तन रो पल रो भरोसो नहीं
- ई भव-सागर रो किंयां किनारो निजरां आसी?।।
- ईर्या समिती में सजन रहो