र से गीतिकाएँ
32 रचनाएँ
- रंग दुनियां का बड़ा
- रंगीन दुनियां
- रंगीला फाल्गुन
- रखो भरोसा निज कदमों पर।
- रग-रग मैं धर्म रमाल्यो थे
- रम जाना, रम जाना
- रसना रो संयम कर ले तूं,
- रहो सतत गतिमान
- राखज्यो वश में शदा जबान
- राखो परठण पूंजण रो
- राखो हरदम साथ शरणो च्यारां रो,
- राग की बद चेतना को छोड़ दो।
- राग री रेंस पिछाणो
- राग-द्वेष का तोड़ा गिराता बाण है,
- राग—द्वेष
- राज बताओ
- राजपथ मत छोड़ साथी!
- राजर्षि प्रश्नचन्द्र
- राजस्थानी गीत
- राजहंस, सर को मत छोड़ो
- रामसुख रलियामणो
- रावण की पूजा
- राष्ट्रसंत को पुण्य प्रणाम
- राही से
- राही! प्रगति शिखर पर बढ़े चलो,
- रूं रुं में हर्ष न मावै है, म्हांरी सांस-२ मुस्कावै है,
- रूं रूं में सांवरियो रमग्यो, जबरो दीप जलायो हो
- रूं-रूं में सांवरियो बसियो
- रूं-रूं में सांवरियो बसियो, सांवरियो बसियो,
- रेंगती जिन्दगी
- रैन बसेरा
- रोको काया री चंचलता