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व
श
स
ह
*झरना बहता पल—पल, करता है ध्वनि कलकल,
*jharna Bahta Pal—Pal, Karta Hai Dhvani Kalakal,
झरने की ज्यों बढ़ते जाना।
Jharne Ki Jyon Badhte Jana.
झुकना सदा न श्रेयस्कर
Jhukna Sada N Shreyaskar
झूठ
Jhuth
झूठ कभी मत बोलो, बच्चों!।
Jhuth Kabhi Mat Bolo, Bachchon!.
झूठा नाता
Jhutha Nata
झूठो जग रो नातो,
Jhutho Jag Ro Nato,
झूम-झूम गुण गाऊं रे
Jhum-Jhum Gun Gaun Re
झूमते शाखी गगन में
Jhumte Shakhi Gagan Men
झोली भर लाती
Jholi Bhar Lati